Wednesday, 22 February 2012

खुशनसीब ..

बैठती नहीं हर डालपर बुलबुल
हर वृक्ष खुशनसीब नहीं होता
करती नहीं कोलाहल हर बगीचे  में बुलबुल
हर बाग़ खुशनसीब नहीं होता

खिलते नहीं हर गुंचे में गुल

हर हार खुशनसीब  नहीं होता
मिलते नहीं नदिया के दो पुल
हर किनारा खुशनसीब नहीं होता

मिलती नहीं हर शब्द को धुन

हर राग खुशनसीब नहीं होता
नहीं लेता पपीहे को हर कोई सुन
हर चाँद खुशनसीब नहीं होता 

नहीं जाते हर मन में रंग घुल

हर दिल खुशनसीब नहीं होता
नहीं जाते हर बार प्यार के दर खुल
हर घर खुशनसीब नहीं होता 
(चित्र गूगल से )

17 Comments:

At 22 February 2012 at 05:04 , Blogger संजय भास्कर said...

सुंदर भावनाओं की अर्थपूर्ण अभिव्यक्ति...

 
At 22 February 2012 at 06:14 , Blogger अनुपमा पाठक said...

सच, ख़ुशनसीबी दुर्लभ शय है...!

 
At 22 February 2012 at 07:15 , Blogger शिवम् मिश्रा said...

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - आंखों पर हावी न होने पाए ब्लोगिंग - ब्लॉग बुलेटिन

 
At 22 February 2012 at 07:17 , Blogger dheerendra said...

वास्तव में हर घर खुशनसीब नही होता,..
बहुत बढ़िया,बेहतरीन मनोहारी अनुपम प्रस्तुति,.....

MY NEW POST...काव्यान्जलि...आज के नेता...

 
At 22 February 2012 at 07:20 , Blogger Rajesh Kumari said...

नहीं जाते हर मन में रंग घुल
हर दिल खुशनसीब नहीं होता
vaah bahut sundar panktiyan.

 
At 22 February 2012 at 07:42 , Blogger RITU said...

आभार आपका..

 
At 22 February 2012 at 07:43 , Blogger RITU said...

आप सभी को तहे दिल से धन्यवाद मुझे प्रोत्साहन देने के लिए व मेरे ब्लॉग को आपने विचारों से आकर्षण प्रदान करने के लिए..
पधारते रहिएगा..

 
At 22 February 2012 at 07:49 , Blogger Dr.NISHA MAHARANA said...

बैठती नहीं हर डालपर बुलबुल
हर वृक्ष खुशनसीब नहीं होता waah........

 
At 22 February 2012 at 07:50 , Blogger avanti singh said...

नहीं लेता पपीहे को हर कोई सुन
हर चाँद खुशनसीब नहीं होता waah! behad umda

 
At 22 February 2012 at 09:49 , Blogger Atul Shrivastava said...

गहरे भाव लिए सुंदर रचना।

 
At 22 February 2012 at 19:10 , Blogger देवेन्द्र पाण्डेय said...

वाह!

 
At 22 February 2012 at 21:11 , Blogger रश्मि प्रभा... said...

जीवन में कुछ भी एक सा नहीं होता

 
At 22 February 2012 at 23:28 , Blogger संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सुंदर प्रस्तुति

 
At 22 February 2012 at 23:58 , Blogger दिलबाग विर्क said...

आपकी पोस्ट चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
http://charchamanch.blogspot.com
चर्चा मंच-798:चर्चाकार-दिलबाग विर्क>

 
At 23 February 2012 at 01:17 , Blogger sushma 'आहुति' said...

बेहतरीन भाव ... बहुत सुंदर रचना प्रभावशाली प्रस्तुति

 
At 23 February 2012 at 09:41 , Blogger Dr. sandhya tiwari said...

bhavpurn prastuti

 
At 24 February 2012 at 05:20 , Blogger कविता विकास said...

bahut sundar

 

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