Monday, 6 February 2012

तुलसी ...

शांत सी ,भाव सी , छाँव सी , तुलसी
शिष्ट सी ,इष्ट सी ,सत्यनिष्ठ सी , तुलसी
पूर्ण सी ,गुणों सी ,पुण्यों सी , तुलसी
कृष्ण सी ,प्रेम सी, राम सी , तुलसी
औषध सी, संजीवनी ,तारिणी , तुलसी
भक्त की , वरदान सी ,क्षमाधात्री , तुलसी
गीता में ,वेदों में , ज्ञान सी , तुलसी
ओजस्वी ,तेजस्वी , तपस्वी , तुलसी
प्रकाश में ,अंजुरी में ,मंजूरी में , तुलसी
जन्म में ,अंत में ,पर्यंत में , तुलसी

16 comments:

  1. बहुत सुन्दर वर्णन किया आपने तुलसी का । बधाई ।
    मेरी नई रचना देखें-
    मेरी कविता:आस

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  2. तुलसी-गाथा पढ़कर धन्य हुए!
    बहुत सुन्दर!

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति !
    दुर्भाग्य से ये तुलसी हम सब के आँगन
    से विलुप्त होती दिख रही है !

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  4. सुन्दर प्रस्तुति

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  5. बहुत सुन्दर तुलसी महिमा...

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  6. वाह ...बहुत बढि़या।

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  7. तुलसी के गुणों पर सुंदर रचना।

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  8. तुलसी का सहज और सुन्दर रूप दिखाती रचना |
    बधाई |
    आशा

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  9. बहुत अच्छा लिखा आपने,बढ़िया प्रस्तुति....
    NEW POST.... बोतल का दूध...

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  10. आपकी रचना बहुत अच्छी लगी,लाजबाब सुंदर पंक्तियाँ,..

    MY NEW POST...मेरे छोटे से आँगन में...

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  11. जन्म में ,अंत में ,पर्यंत में , तुलसी

    सच, तुलसी कहाँ नहीं है!
    बहुत अच्छी रचना, सधन्यवाद.

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  12. सुन्दर... अति सुन्दर.
    आपकी पोपुलर प्रस्तुति
    कमाल कि है,ऋतू जी.

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