Wednesday, 28 December 2011

मैं मालन तेरी बन जाऊं ..

मैं मालन तेरी बन जाऊं 
नित नए पुष्पों का हार बनाऊ 
बड़े प्यार से तुम्हे सजाऊ
मैं मालन तेरी बन जाऊं 

चुन चुन के कलियाँ लाऊँ बागों से 
हर खुशबु में मैं बस जाऊं 
दमके जो शशि पर तुम्हारे 
ऐसा कोई हार बनाऊँ 
मैं मालन ....

आते जाते भक्तों को तुम्हरे 
पुष्पहार मैं पकडाऊँ
पड़ी तुम्हारे दर पे मैं 
भाग्य पर इठलाऊँ 
मैं मालन .....

ये हार नहीं हैं भाव हैं मेरे 
मन के डोरों में हैं पिरे 
एक पुष्पहार से अपना प्यार 
कैसे मैं तुमको दिखलाऊँ 
मैं मालन ....

तुम्हे समर्पित जीवन मेरा 
मैं कैसा पुष्पहार बनाऊँ ?
काश ! बाहें डाल तुम्हारे 
मैं स्वयं हार बन जाऊं 
मैं मालन तेरी बन जाऊं ..

13 Comments:

At 28 December 2011 at 05:26 , Blogger Monika Jain "मिष्ठी" said...

beautiful :)

 
At 28 December 2011 at 05:31 , Blogger यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

ये हार नहीं हैं भाव हैं मेरे
मन के डोरों में हैं पिरे
एक पुष्पहार से अपना प्यार
कैसे मैं तुमको दिखलाऊँ
मैं मालन ....

बेहतरीन।


सादर

 
At 28 December 2011 at 06:25 , Blogger Kailash Sharma said...

तुम्हे समर्पित जीवन मेरा
मैं कैसा पुष्पहार बनाऊँ ?
काश ! बाहें डाल तुम्हारे
मैं स्वयं हार बन जाऊं

...बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति..समर्पित प्रेम की सुंदर प्रस्तुति..

 
At 28 December 2011 at 13:19 , Blogger savita tyagi said...

Beautiful poem and lovely expressions.Enjoyed reading it.
Savita

 
At 28 December 2011 at 19:04 , Blogger Atul Shrivastava said...

सुंदर रचना।
गहरी अभिव्‍यक्त्ति।

नए साल की शुभकामनाएं.....

 
At 28 December 2011 at 20:28 , Blogger RITU said...

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद ,आपके शब्द ही प्रेरणास्रोत हैं..

 
At 29 December 2011 at 03:40 , Blogger वन्दना said...

बहुत ही मधुर भावाव्यक्ति।

 
At 29 December 2011 at 04:15 , Blogger दिलबाग विर्क said...

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
चर्चा मंच-743:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

 
At 29 December 2011 at 04:32 , Blogger Vaneet Nagpal said...

बढ़िया प्रस्तुति |

टिप्स हिंदी में

 
At 29 December 2011 at 04:32 , Blogger डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" Dr.Rajendra Tela,Nirantar" said...

तुम्हे समर्पित जीवन मेरा
मैं कैसा पुष्पहार बनाऊँ ?
काश ! बाहें डाल तुम्हारे
मैं स्वयं हार बन जाऊं
मैं मालन तेरी बन जाऊं ..

ishwar aapkee ichhaa pooree kare
blog jagat mein aapkaa swaagat hai
shubhkaanaayein

 
At 29 December 2011 at 04:34 , Blogger Vaneet Nagpal said...

माडरेशन का विकल्प निष्क्रिय करने की अनुकम्पा करें |

टिप्स हिंदी में

 
At 29 December 2011 at 21:14 , Blogger Vaneet Nagpal said...

टिप्स हिंदी में ब्लॉग की तरफ से आपको नए साल के आगमन पर शुभ कामनाएं |

टिप्स हिंदी में

 
At 3 January 2012 at 06:39 , Blogger अनुपम दीक्षित said...

ऋतु जी नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित आपकी रचनाशीलता के लिए बधाई। कुछ विचार बेहद अच्छे हैं। शिल्प पर यदि हो सके तो और काम कीजिये।

 

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