Friday, 25 May 2012

गर्मियों की छुट्टियां ..




साल भर से आ रही थी 
माँ के यादों की हिचकियाँ 
उन्ही के घर पे बीत रहीं 
ये गर्मियों की छुट्टियां 

काम धाम का नाम नहीं 
हम कहीं और बच्चे कहीं 
मिल रहे सहेलियों से 
भर के प्यार की झप्पियाँ 
कुछ इस तरह से बीत रही 
गर्मियों की छुट्टियां ..

बाज़ारों के हो रहे रोजाना ही फेरे
कभी काम हो माँ का ,कभी झमेले मेरे 
देर रात तक हो रहीं छीटाकशी की गप्पियां 
कुछ इस तरह से बीत रहीं 
गर्मियों की छुट्टियां ..

गली मोहल्ले के बच्चों संग 
बच्चे मित्र बन गए अंतरंग
प्यार लाड़ बहुत दे रही 
कालू काली की पिल्लियाँ 
कुछ इस तरह से बीत रही 
गर्मियों की छुट्टियां 

18 Comments:

At 25 May 2012 at 22:42 , Blogger यादें....ashok saluja . said...

गर्मियों की छुट्टी में ..माँ का आँचल बहुत शीतलता देता है ...
शुभकामनाएँ !

 
At 25 May 2012 at 22:57 , Blogger Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

वाह!

 
At 26 May 2012 at 00:55 , Blogger dheerendra said...

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति,,,,

MY RECENT POST,,,,,काव्यान्जलि,,,,,सुनहरा कल,,,,,

 
At 26 May 2012 at 04:50 , Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

 
At 26 May 2012 at 05:26 , Blogger expression said...

माएके जाने ना मन हो आया.....................
सुंदर भाव रितु जी....

अनु

 
At 26 May 2012 at 11:23 , Blogger शिवम् मिश्रा said...

बहुत खूब ...

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - माँ की सलाह याद रखना या फिर यह ब्लॉग बुलेटिन पढ़ लेना

 
At 27 May 2012 at 05:04 , Blogger Onkar said...

bahut umda kavita

 
At 27 May 2012 at 05:56 , Blogger आशा जोगळेकर said...

गर्मी की छुट्टियां................आह बचपन याद आ गया ।

 
At 27 May 2012 at 09:52 , Blogger प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

सुन्दर चित्रण...उम्दा प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

 
At 28 May 2012 at 04:51 , Blogger सदा said...

अनुपम भावों का संगम ... गर्मियों की छुट्टियों का ...

 
At 30 May 2012 at 08:17 , Blogger Anupama Tripathi said...

वाह ....बहुत सुंदर कविता ...
मन खिल गया पढ़ कर ...
शुभकामनायें...

 
At 30 May 2012 at 10:14 , Blogger अमित श्रीवास्तव said...

मजे ही मजे , वाह !

 
At 30 May 2012 at 19:10 , Blogger Sachien said...

i loved this one , super awesome

 
At 30 May 2012 at 19:10 , Blogger Sachien said...

I like this one..Super Awesome

 
At 31 May 2012 at 07:27 , Blogger anju(anu) choudhary said...

पुरानी साडी यादे ताज़ा हो गई ...लाजबाब...

 
At 7 June 2012 at 05:14 , Blogger सुखदरशन सेखों (दरशन दरवेश) said...

40 साल पीछे कि और देखता हूँ तो ये कविता रुला देती है |

 
At 3 July 2012 at 09:36 , Blogger Suman said...

वाह सुंदर गर्मी की छुट्टियाँ .....
बहुत सुंदर !

 
At 15 July 2012 at 23:42 , Blogger Rakesh Kumar said...

आपकी गर्मी की छुटियाँ अच्छे से बीतीं यह बहुत खुशी की बात है.
तभी तो आपने सुन्दर वर्षा की बूंदों की फुहार बरसा दी है.

आभार.

 

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