Thursday, 3 May 2012

ये मन न पछताए ..







देख एक सुन्दर बाला को 


मेरा मन हुआ कुछ ऐसा 

काश ! इतनी लम्बी खूबसूरत 

हम भी होते , लम्बी नाक रूप बेशुमार 

से कुछ हमको भी नक़्शे होते.
.
पहुंची जो नज़र उनके हाथों पे 

कुछ इस तरह हमे मिला सुकून ,

ऐ खुदा ,मेरे भगवन ,तुने सबको जैसा बनाया 

उसी से खुश हैं हम ,

शायद उनके हाथों के निशा 

बन जाते हमारे भी गम ..

कर कृपा इतनी ,अपने में दंभ न आये 

फिर कभी किसी को देख के 

ये मन न पछताए ..


(चित्र गूगल से )

23 Comments:

At 3 May 2012 at 22:03 , Blogger रविकर फैजाबादी said...

शायद उनके हाथों के निशा
बन जाते हमारे भी गम

सुन्दर |
बधाई ||

 
At 3 May 2012 at 22:07 , Blogger रश्मि प्रभा... said...

जो प्यार करते हैं उनकी आँखों में देखो खुद को
गुरुर होगा खुद पर
कहानियों की परियां खुद में मिल जाएँगी

 
At 3 May 2012 at 22:10 , Blogger dheerendra said...

कर कृपा इतनी ,अपने में दंभ न आये
फिर कभी किसी को देख के
ये मन न पछताए ..

बहुत सुंदर सार्थक अभिव्यक्ति // बेहतरीन रचना //

MY RECENT POST ....काव्यान्जलि ....:ऐसे रात गुजारी हमने.....

 
At 3 May 2012 at 22:22 , Blogger यादें....ashok saluja . said...

बहुत दिया देने वाले ने तुझको .......???
खुश रहें !

एक अपील ...सिर्फ एक बार ?

 
At 3 May 2012 at 23:25 , Blogger sangita said...

achhi or santosh ki bhavna se paripoorna post .bdhai

 
At 4 May 2012 at 03:28 , Blogger वन्दना said...

जो मिले उसमे खुश रहने मे ही समझदारी होती है

 
At 4 May 2012 at 05:18 , Blogger Amrita Tanmay said...

प्रवाहमयी...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ..

 
At 4 May 2012 at 07:09 , Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
आपकी प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर लगाई गई है!
चर्चा मंच सजा दिया, देख लीजिए आप।
टिप्पणियों से किसी को, देना मत सन्ताप।।
मित्रभाव से सभी को, देना सही सुझाव।
उद्गारों के साथ में, अंकित करना भाव।।

 
At 4 May 2012 at 08:13 , Blogger अनामिका की सदायें ...... said...

jo dikhayi deta hai jaruri nahi ki vo hi satyam,shivam,sundram ho.

apne ko jitna mila usi se santushti ho iske liye bhagwan se prarthna karni chaahiye.

rashmi prabha ji se sehmat.

 
At 4 May 2012 at 09:22 , Blogger nirmal nirmal said...

बनाने वाले तूने कमी ना की,
किसको क्या मिला मु्‌द्‌दर की बात है।

 
At 4 May 2012 at 23:51 , Blogger दिगम्बर नासवा said...

जो है उसी में खुश रहना अच्छा है ...

 
At 5 May 2012 at 04:30 , Blogger Sushil said...

सुंदर बाला हमें तो अब कहीं भी नहीं दिखाई देती
एक दिखी थी कभी अब बाकी उसी में समाई रहती ।

 
At 5 May 2012 at 07:01 , Blogger sushma 'आहुति' said...

खुबसूरत अल्फाजों में पिरोये जज़्बात....

 
At 6 May 2012 at 07:30 , Blogger Anupama Tripathi said...

सारगर्भित रचना ....
बहुत सुंदरता से भाव पिरोये ....!!
शुभकामनायें .....!!

 
At 11 May 2012 at 07:16 , Blogger डॉ. जेन्नी शबनम said...

किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता, जो है अपने पास उसी पर गर्व करना... प्रेरक भाव, बधाई.

 
At 13 May 2012 at 01:07 , Blogger Reena Maurya said...

kahate hai bhagwan ne do hath do pair sahi salmat die hai...
or kya chahiye..
yatharth ko roopdiya hai apne..
gahan bhav liye behtarin rachana....

 
At 17 May 2012 at 05:12 , Blogger bkaskar bhumi said...

रितु जी,
पूर्व में हुई चर्चा के अनुसार आपके ब्लॉग से कुछ लेख को अपने दैनिक समचार पत्र भास्कर भूमि में प्रकाशित किया है। अखबार का प्रतियां आप तक भेजना चाहते है। आप अपने घर की पता भेजने की कृपा करे.......bhaskar.bhumi.rjn@gmail.com

भास्कर भूमि का ई पेपर देखें......www.bhaskarbhumi.com

 
At 18 May 2012 at 18:54 , Blogger प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

अच्छा चित्रण किया है आप ने...सुन्दर प्रस्तुति... बहुत बहुत बधाई...

 
At 18 May 2012 at 18:58 , Blogger प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

अच्छा चित्रण किया है आप ने...सुन्दर प्रस्तुति... बहुत बहुत बधाई...

 
At 20 May 2012 at 21:06 , Blogger anu said...

bahut khubsurat rachna..aapka blog bahut prashanshniy hai.
mere blog me aapka swagat hai.

 
At 24 May 2012 at 01:44 , Blogger Kailash Sharma said...

बहुत सारगार्भित अभिव्यक्ति...बहुत सुन्दर...

 
At 24 May 2012 at 10:53 , Blogger काजल कुमार Kajal Kumar said...

वाह जी बल्‍ले बल्‍ले

 
At 30 May 2012 at 14:45 , Blogger आशा जोगळेकर said...

देख पराई चूपडी मत ललचावे जीव ।

 

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