Thursday, 20 December 2012

एक पत्र ..

मेरे  ब्लॉगर मित्रों
सादर नमस्कार
इधर कुछ दिनों से अपने लेख ब्लॉग पर डालने का मन नहीं कर रहा है . मैंने पाया है की मेरी स्वीकृति के बिना कुछ एक मित्रों ने मेरे लेख
 " share " किये हैं .
मुझे अफ़सोस है की इतने मन से 'कलमदान' में जीवन भारती हूँ ..परन्तु कुछ मित्रगण ,दुसरे की मेहनत का फायदा उठाते हैं .
मन खट्टा हो गया .
क्या आप लोग मेरा मार्गदर्शन कर सकते हैं की ऐसे लोगों का पता कैसे लगाऊँ और कैसे अपने लेखों को बचा के रखूँ .
आप सब लोग इस ब्लॉग  जगत में काफी अनुभव रखते हैं ..मेरा मार्गदर्शन करें ..
शुभकामनाओं सहित 
ऋतू बंसल 

6 comments:

  1. फ़िल्हाल इसका समाधान नहीं है।

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  2. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ... आशा है नया वर्ष न्याय वर्ष नव युग के रूप में जाना जायेगा।

    ब्लॉग: गुलाबी कोंपलें - जाते रहना...

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  3. हालांकि कुछेक 'कॉपीराइट' वेबसाइट हैं जिनमें आप अपने ब्लॉग को रजिस्टर करा सकती हैं और उनके पास आपके लेख के उस दिन छपने का प्रमाण रहेगा, लेकिन यह भी आपको वेब पर कॉपीराइट के उल्लंघन न होने की गारंटी नहीं देता। अगर आपको अपने लेखन को बचा रखने की चिंता है तो उसे वेब पर लगाने से पहले पुस्तक की तरह प्रकाशित कर लें। आपके अपने ब्लॉग में आपने कुछ चित्र लगाए हैं जो सभी आपके द्वारा नहीं बनाए गए होंगे। अगर ऐसा है तो ऐसे चित्रों के लिए शायद आपने चित्रकार से परमिशन नहीं मांगी होगी।

    चिंता छोडिये, लिख डालिए।

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  4. वाह.बेह्तरीन अभिव्यक्ति .चिंता छोडिये, लिख डालिए।

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  5. आपने जो मेहनत की है वह कभी भी व्यर्थ नहीं जायेगी इसका भरोसा रखिये...जरूरी है कि आपकी बात पढ़ी जाये..शुभकामनायें. भविष्य में सचेत रहें..

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