Friday, 25 July 2014

कुछ दूर पड़े थे सितारे ....


कुछ दूर पड़े  थे सितारे,
बस  हाथ भर की ही दूरी थी 
पहुँच न पाए उन तक ,ये मेरी मजबूरी थी ..
कह न पाए दास्तान जो अधूरी थी ..
कुछ रस्में निभाना भी ज़रूरी थी...

(चित्र गूगल से )

5 comments:

  1. बेहतरीन अंदाज़..... सुन्दर
    अभिव्यक्ति........

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  2. रस्मों से ही जीवन है ... उन्हें तो निभाना जरूरी ही है ...

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  3. Replies
    1. धन्यवाद आप मेरे ब्लॉग पर आये ..!!

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