Monday, 14 July 2014

सावन ...२०१४




ये बदरियाँ भी क्यों  बेचैन कर देती हैं 
सावन में दिन में भी  रैन कर देती हैं 
एक कशिश सी है इन मीठी फुहारों में 
ये छींटे यूँ  ही अजब नैन भर देती हैं ..
(चित्र गूगल से साभार )

12 Comments:

At 14 July 2014 at 08:36 , Blogger ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, निश्चय कर अपनी जीत करूँ - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

 
At 14 July 2014 at 16:49 , Blogger yashoda agrawal said...

आपकी लिखी रचना बुधवार 16 जुलाई 2014 को लिंक की जाएगी...............
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

 
At 14 July 2014 at 16:52 , Blogger yashoda agrawal said...

आपकी लिखी रचना बुधवार 16 जुलाई 2014 को लिंक की जाएगी...............
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

 
At 14 July 2014 at 19:45 , Blogger Kaushal Lal said...

बेहतरीन ...

 
At 14 July 2014 at 19:58 , Blogger रविकर said...

सुन्दर प्रस्तुति- -
आभार आपका-

 
At 14 July 2014 at 21:40 , Blogger RITU said...

धन्यवाद !!

 
At 15 July 2014 at 00:45 , Blogger कविता रावत said...

बहुत सुन्दर ..

 
At 15 July 2014 at 02:44 , Blogger रविकर said...

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

 
At 15 July 2014 at 07:56 , Blogger चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

सुन्दर हैं भाव... एक बार दुबारा पढें, कुछ खटक रहा है!! शुभकामनाएँ!!

 
At 16 July 2014 at 02:43 , Blogger Anusha said...

बेहतरीन

 
At 16 July 2014 at 08:56 , Blogger Lekhika 'Pari M Shlok' said...

Bahut sunder.....

 
At 16 July 2014 at 10:20 , Blogger रश्मि शर्मा said...

बहुत सुंदर...

 

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