Wednesday, 2 November 2016

तुम वो नहीं




तुम वो नहीं जो तुम हो ,
तुम वो हो जो दिख रहे हो 
तुम खुद भी न समझ पाओगे क्या हो 
न समझा पाओगे की क्या हो ,
पर बन जाओगे वो जो दिख रहे हो तुम ..

तुम्हारी रहमत हो या खुदगर्ज़ी
तुम्हारे अंदाज़े हो या तुम्हारी मर्ज़ी ,
खुद को  फिक्रज़दा ही पाओगे 
क्यूंकि ,जो तुम हो वो न दिख पाओगे 

करते रहो चाहे प्यार ,या करते रहो इंतज़ार 
तुम से मिलेंगे वही लोग बार बार ,
जिनसे तुम खुल न पाओगे 
तुम नहीं दिख सकोगे वो 
जो तुम दिखना चाहोगे 
लाख करो कोशिशें 
तुम वो हो जो दूसरों को  दिख जाओगे 

(चित्र गूगल से आभार )

15 Comments:

At 2 November 2016 at 00:47 , Blogger Parul Kanani said...

Bahut accha likha hai aapne ritu

 
At 2 November 2016 at 02:37 , Blogger Digamber Naswa said...

कई बार ऐसा होता है इंसान दिखाना जो चाहता है वो होता नहीं ... पर वैसा दिख जाता है ... बहुत खूब लिखा है ...

 
At 2 November 2016 at 09:06 , Blogger RITU BANSAL said...

धन्यवाद !!

 
At 2 November 2016 at 09:07 , Blogger RITU BANSAL said...

धन्यवाद

 
At 2 November 2016 at 11:17 , Blogger ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "व्हाट्सएप्प राशिफल - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

 
At 2 November 2016 at 16:16 , Blogger yashoda Agrawal said...

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 04 नवम्बर 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

 
At 3 November 2016 at 00:04 , Blogger सु-मन (Suman Kapoor) said...

बहुत बढ़िया

 
At 3 November 2016 at 02:20 , Blogger RITU BANSAL said...

धन्यवाद !!

 
At 3 November 2016 at 02:21 , Blogger RITU BANSAL said...

ज़रूर !! आभार आपका !

 
At 3 November 2016 at 02:23 , Blogger RITU BANSAL said...

बहुत धन्यवाद !

 
At 4 November 2016 at 06:19 , Blogger savan kumar said...

सुन्दर शब्द रचना.............
http://savanxxx.blogspot.in

 
At 4 November 2016 at 11:06 , Blogger RITU BANSAL said...

आपका धन्यवाद !!

 
At 7 November 2016 at 05:45 , Blogger संजय भास्‍कर said...

कम शब्दों में बड़ी बड़ी बातें लिखना भी एक कला है

 
At 15 November 2016 at 01:39 , Blogger RITU BANSAL said...

धन्यवाद आपका

 
At 13 June 2017 at 04:37 , Blogger Kirit Madlani said...

बहुत अच्छे अल्फाझ। रीतुजी। as I read you more getting enlightened about your expressions n thoughts....

 

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