Sunday, 27 November 2011

'जादूगर'

जादू से आँखें आश्चर्यचाकित थी,ये नज़रों का धोखा था या हाथ की सफाई,पल पल में रूप रंग स्वतः ही बदल जाता था ,या आसमानी ताकत आ कर मदद कर रही थी ..कुछ ऐसे ही विचार मन में थे
 ..ये मेरा नजरिया था..
वहीँ दूसरी और कई बच्चे अपनी मासूम संवेदनाओं को समेटे  मूंह  को खोले आँखों में आश्चर्य व अस्मिता का भाव लिए टकटकी लगाये देख रहे थे उस जादूगर को ..वो प्रयास कर रहे थे पहचानने का..जानने का..की इस सब के पीछे क्या है..उन्हें डर भी था..उस जादूगर से..पर आनंद भी था ..कभी भाव विभोर हो पुलकित मन से ज़ोरदार तालियाँ बजाते..कभी सहम कर माता पिता की गोदी में सिमट जाते..ऐसे ही कब द्रश्य बदल जाता पता ही न चलता .बच्चों के मन के पावन पटल पर उस जादूगर ने तो राज़ कर लिया था 
कुछ इसी तरह से हम है उस 'जादूगर' के सामने एक नन्हे बच्चे की तरह.हैं .जो समझ नहीं पाता की वो 'उस' की हाथ की सफाई थी ,या 'बल प्रदर्शन'..वो हमें सबकुछ स्तब्ध करने के लिए कर रहा है या आनंद देने के लिए..वो हमारे सामने आता है ,पर पोशाक बदल बदल के..
पर आज एक 'बड़े' के रूप में हमने वो जज़्बात और आनंद विभोर होने के भाव खो दिए हैं..हम भूल गए है की 'उस' जादूगर के सामने इंसान चाहे कितनी भी उम्र का क्यों न हो ..बच्चा है..उसके 'जादू'को समझ पाने का सामर्थ्य हम में नहीं..एक-दो खेल वो हमें सिखला देता है ,खेल खेल में ..पर 'बड़े जादुओं' का राज़ वो अपने तक ही रखता है..समझना हो जानना हो तो खोजो जवाब..अपनेआप.....

5 Comments:

At 28 November 2011 at 16:41 , Blogger Savita said...

Beautiful writing.

 
At 28 November 2011 at 20:20 , Blogger RITU said...

thanks!!!

 
At 30 November 2011 at 08:17 , Anonymous Anonymous said...

I would like to appraise this blog with Nida Saheb's sher--Duniya Jise kahete hai; jadu ka khilona hai; mil jaye to mitti hai; kho jaye to sona hai.
Nice Blog-Keep writing
regards;
Atin

 
At 30 November 2011 at 20:05 , Blogger RITU said...

thanks Atin bhaiya..!

 
At 16 February 2012 at 03:24 , Blogger Neeraj Dwivedi said...

कुछ इसी तरह से हम है उस 'जादूगर' के सामने एक नन्हे बच्चे की तरह.हैं

सही कहा आपने. कठपुतली की ही तरह तो हैं हम ...
Life is Just a Life
My Clicks

 

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

Links to this post:

Create a Link

<< Home